भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही गढ़वा उपायुक्त महोदय के द्वारा।
गढ़वा –जिले में सुशासन और पारदर्शिता को लेकर जिला प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। उपायुक्त दिनेश यादव के कड़े निर्देश पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए भंडरिया अंचल कार्यालय के राजस्व उप निरीक्षक शिवपत राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
📱 कॉल रिकॉर्डिंग ने खोली पोल।
यह पूरी कार्रवाई 3 फरवरी 2026 को आयोजित जनता दरबार में मिली एक शिकायत के बाद शुरू हुई। मामला कुछ इस प्रकार है:
- शिकायत: मौजा-जनेवा की 4.28 एकड़ भूमि के जांच प्रतिवेदन (Inquiry Report) के बदले ₹10,000 की अवैध मांग की गई थी।
- साक्ष्य: शिकायतकर्ता ने लिखित आवेदन के साथ एक कॉल रिकॉर्डिंग भी पेश की थी, जिसमें रिश्वत की बात स्पष्ट हो रही थी।
🔍 जांच में हुई पुष्टि
अपर समाहर्ता राज महेश्वरम द्वारा की गई जांच में आरोप सही पाए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी पदाधिकारी ने अपने स्पष्टीकरण में राशि मांगने की बात स्वीकार कर ली। इसे सरकारी सेवक आचार नियमावली का घोर उल्लंघन माना गया है।
🚫 निलंबन और विभागीय कार्रवाई।
झारखंड सरकारी सेवक नियमावली, 2016 के तहत की गई इस कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- तत्काल निलंबन: शिवपत राम को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है।
- मुख्यालय परिवर्तन: निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खरौंधी अंचल कार्यालय तय किया गया है।
- चार्जशीट: भंडरिया अंचल अधिकारी को जल्द से जल्द आरोप पत्र (Charge Sheet) गठित कर विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया गया है।
"जिला प्रशासन भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति पर चल रहा है। अगर कोई भी सरकारी कर्मी अवैध मांग करता है, तो जनता निर्भीक होकर प्रशासन को सूचित करे।"
फोटो — दिनेश यादव, उपायुक्त, गढ़वा

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