जंगली हाथियों का उत्पात, खपरैल घर ध्वस्त, खाद्य सामग्री नष्ट, गृहस्वामी पर हमला धुरकी |
गढ़वा :- गढ़वा जिला के धुरकी थाना क्षेत्र अंतर्गत कनहर तटीय क्षेत्र के बालचौरा गांव में फिर से जंगली हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। शनिवार की मध्य रात्रि जंगली हाथियों के एक झुंड ने गांव निवासी नारायण सिंह के खपरैल मकान जिसमें होटल चलाकर जीविकोपार्जन करता था उस पर हमला कर दिया। हाथियों ने घर को पूरी तरह गिरा दिया और घर के अंदर रखी खाद्य सामग्री को बुरी तरह नष्ट कर दिया। अचानक हुए इस हमले से परिवार के लोग घबराकर घर से बाहर निकल आए, लेकिन इसी दौरान हाथियों ने घर मालिक नारायण सिंह के पत्नी बाल बाल बच गई। नहीं तो उसके परिजनों पर भी हमला कर देता। जिससे वह दहशत में हैं।घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। सौभाग्यवश इस घटना में कोई जानमाल की बड़ी हानि नहीं हुई, लेकिन घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है वनपाल प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि हाथियों के हमले से हुए नुकसान का विभाग द्वारा मुआयना किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में रात के समय सतर्क रहें और किसी भी स्थिति में हाथियों के नजदीक जाने का प्रयास न करें।ग्रामीणों का कहना है कि कनहर तटीय क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर रखने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। घटना के बाद गांव में भय का माहौल बना हुआ है और लोग रात के समय जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।
वहीं उतरी वन प्रमंडल पदाधिकारी गढ़वा अंशुमान राजहंस ने बताया कि उतरी वन प्रमंडल के वनों में काफी तेजी से वृद्धि हुई है, मुझे बीते दिनों हाथियों द्वारा फसल एवं घर क्षति की जानकारी मिल रही है, विभाग द्वारा मुआयना प्रभावित लोगों को विभाग द्वारा उचित मुआवजा दिया जाएगा, साथ ही जरूरत पड़ने पर बाहर से हाथी भगाने वाले टीम को बुलाकर हाथियों को जंगलों की ओर भगाया जाएगा साथ ही जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू भी किया जाएगा।
0 Comments