झारखंड-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर खुलेआम बिक रहा नशा; नशेड़ी पति ने पत्नी को लहूलुहान होने तक पीटा, छत्तीसगढ़ पुलिस ने बचाई जान।
गोदरमाना (गढ़वा/रामानुजगंज): झारखंड के गढ़वा जिला अंतर्गत रंका थाना क्षेत्र का सीमावर्ती इलाका 'गोदरमाना' इन दिनों अवैध नशे का सुरक्षित गढ़ बन चुका है। झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित इस क्षेत्र में नशे की सामग्रियां खुलेआम बेची जा रही हैं। आलम यह है कि इस जानलेवा लत का शिकार पुरुष और महिलाएं तो छोड़िए, मासूम बच्चे भी तेजी से हो रहे हैं। इस बेखौफ नशे के कारोबार का एक खौफनाक और अमानवीय चेहरा बीते दिन एनएच 343 (NH 343) पर देखने को मिला।
नशे की सनक: सड़क पर घसीटकर पत्नी को पीटा, सिर फटा
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नशे में धुत्त एक व्यक्ति अपनी ही पत्नी को बेरहमी से मारते-पीटते हुए ले जा रहा था। नशा उस पर इस कदर हावी था कि वह महिला को तब तक पीटता रहा जब तक कि उसका सिर फट नहीं गया और शरीर से खून नहीं बहने लगा। तड़पती और चीखती महिला को उसका पति लहूलुहान हालत में एनएच 343 गोदरमाना पुल के पास तक घसीटते हुए ले आया। महिला की जान पर बन आई थी और उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे।
स्थानीय लोगों और छत्तीसगढ़ पुलिस ने दिखाई तत्परता
सड़क पर महिला की चीख-पुकार सुनकर गोदरमाना पुल के पास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत इकट्ठा हुए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए किसी तरह बीच-बचाव किया और रो-रोकर उस दरिंदे पति के चंगुल से महिला की जान बचाई।
इसी बीच, घटना की सूचना मिलते ही सीमा पार छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की पुलिस तुरंत हरकत में आई। संवेदनशीलता दिखाते हुए रामानुजगंज पुलिस ने बिना समय गंवाए झारखंड के गोदरमाना क्षेत्र में प्रवेश किया और लहुलुहान तड़प रही महिला को अपनी कस्टडी में लिया। पुलिस टीम ने फौरन घायल महिला को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।
स्थानीय जनता ने रामानुजगंज पुलिस को कहा 'धन्यवाद',
इस पूरी घटना के बाद जहां एक तरफ स्थानीय लोगों ने छत्तीसगढ़ की रामानुजगंज पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और मानवता के लिए दिल से धन्यवाद दिया है।
रंका थाना प्रभारी से फोन से सम्पर्क करने लगातार कोशिश किया गया लेकिन किसी कारण कॉल नहीं लगा।


0 Comments